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#नन्दा देवी मेला, अल्मोड़ा~Nanda Devi Temple Almora

Written By Uttaranchal hills on Saturday, September 29, 2018 | 2:52 AM

अल्मोड़ा जिले के पवित्र स्थलों में “नंदा देवी मंदिर” का विशेष महत्व है । नंदा के सम्मान में कुमाऊँ और गढ़वाल में अनेक स्थानों पर मेले लगते हैं । 1670 में कुमाऊं के चंद वंशीय शासक राजा बाज बहादुर चंद ने बधाणगढ़ के किले से नंदादेवी की स्वर्ण प्रतिमा लाकर अपने मल्ला महल (वर्तमान कलक्ट्रेट) परिसर में प्रतिष्ठित किया और अपनी कुलदेवी के रूप में पूजना शुरू किया। नन्दादेवी से जुडी जात (यात्रा) दो प्रकार की हैं। वार्षिक जात और राजजात। वार्षिक जात प्रतिवर्ष अगस्त-सितम्बर मॉह में होती है। जो कुरूड़ के नन्दा मन्दिर से शुरू होकर वेदनी कुण्ड तक जाती है और फिर लौट आती है, लेकिन राजजात 12 वर्ष या उससे अधिक समयांतराल में होती है। मान्यता के अनुसार देवी की यह ऐतिहासिक यात्रा चमोली के नौटीगाँव से शुरू होती है और कुरूड़ के मन्दिर से भी दशोली और बधॉण की डोलियाँ राजजात के लिए निकलती हैं। इस यात्रा में लगभग २५० किलोमीटर की दूरी, नौटी से होमकुण्ड तक पैदल करनी पड़ती है। इस दौरान घने जंगलों पथरीले मार्गों, दुर्गम चोटियों और बर्फीले पहाड़ों को पार करना पड़ता है।

अल्मोड़ा का नंदादेवी मेले का अपना खासा महत्व है। कहा जाता है कि इस मेले का आयोजन राजा बाज बहादुर चंद को युद्ध में विजय प्राप्त होने के बाद से किया जाता है। अल्मोड़ा नगर के मध्य में स्थित ऐतिहासिकता नंदादेवी मंदिर में प्रतिवर्ष भाद्र मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को लगने वाले मेले की रौनक ही कुछ अलग है । मेले के अन्तिम दिन परम्परागत पूजन के बाद, नवमी के दिन माँ नंदा और सुनंदा को डोलो में बिठाकर अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रो में शोभायात्रा के रूप में निकाली जाती है | नंदा देवी को नव दुर्गा के रूप में से एक बताया गया है | अल्मोड़ा में मां नंदा की पूजा-अर्चना तारा शक्ति के रूप में तांत्रिक विधि से करने की परंपरा है। मां नंदा के दर्शन मात्र से ही मनुष्य ऐश्वर्य को प्राप्त करता है तथा सुख-शांति का अनुभव करता है | "JAI MAA NANDA DEVI"


नन्दा देवी मेला अल्मोड़ा Nanda Devi Temple Almora



Nanda Devi Temple is situated in Almora main market. Every 12 years, Nanda Devi Raj Jat is the most popular celebration of the area where devi Nanda, in the form of sheep- decorated with ornaments, food, and clothing- is sent to her home Trishul peak with music, local folk songs and dances. It is very ancient and beautifully built. The Nanda Devi Mandir was built by the Chand Rajas. The temple is located in Almora town above the Mall Road. You need to park vehicle on roadside and take route going via the wholesale market for walking about some meters from the main road. The temple is named after the famous himalayan peak nanda devi. If you can go there at evening time you can see the "Arati" which is great. This temple is highly famous for Nanda Devi Fair that is held in Almora every year in the month of September on the Ashtami of Bhadra Shukla.

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